क्या आप जानते है की ज़िन्दगी का सबसे बड़ा पछतावा क्या है?

हेलो जी, कैसे है आप लोग? उम्मीद करता हूँ सब अच्छा होगा। आज मैं उस चीज़ के बारे में लिखने जा रहा हूँ जिसके बारे में लोग आमतौर पर ज़्यादा बात नहीं करते। उन्हें लगता है की अगर वो इसके बारे में बात करेंगे तो कहीं लोग उन्हें कमज़ोर न समझे और वो चीज़ है पछतावा। लोग इसके बारे में इसलिए बात नहीं करते क्यूंकि अपने पछतावे के बारे में बात करके वो सामने वाले को यह बताते है की कुछ ऐसा है जो या तो उन्होंने किया नहीं या उनसे हो नहीं पाया।

वैसे तो हमारी life में बहुत सारे छोटे बड़े regrets होते रहते है जैसे मुझे वो pizza नहीं खाना चाहिए था या मुझे office में ऐसा नहीं बोलना चाहिए था वगैराह। लेकिन मैं आज उस पछतावे के बारे में बात करने वाला हूँ जो ज़्यादातर लोगो में देखने को मिलता है और वो है ‘अपनी ज़िन्दगी अपने हिसाब से न जीना’। आप अभी इस बात को माने या न माने बहुत सारे लोग अपनी ज़िन्दगी दूसरों के हिसाब से जीते है जैसे अगर एक लड़की एक ख़ास तरह की dress पहनना चाहती है लेकिन वो अपनी पूरी life वो dress नहीं पहन पाती क्यूंकि पहले पिता जी मना करते है फिर पति और बाद में बच्चे। सोचिये उस लड़की के बारे में जिसकी एक छोटी सी wish थी वो dress पहनना, पर वो कभी पूरी न हो पायी।

यह सिर्फ एक छोटा सा example है। बाते तो इससे भी बड़ी बड़ी है। अपने मन की नौकरी न कर पाना , मन का खाना न खा पाना ,अपने मन के हिसाब दोस्त न चुन पाना और न जाने क्या क्या। जब इंसान अपने आखिरी समय में होता है न तो उसे यही सब याद आता है। उसे याद आता है की वो कौन कौन सी चीज़े थी जो वो कर सकता था और नहीं कर पाया डर की वजह से। यह डर कई बार समाज का होता है, कई बार परिवार का और कई बार खुद का भी। Risk न लेना एक सबसे बड़ा Risk है।

मैं यहाँ पर ये नहीं कह रहा हूँ की अपने परिवार या समाज की सुनो ही मत। बिलकुल सुनो और उसे समझो, उसके बाद जो तुम्हे ठीक लगे वो करो क्यूंकि ऐसा करने के बाद अगर तुम गलत भी होते हो न तो कम से कम तुम्हारा मन इसीलिए शांत रहेगा क्यूंकि तुमने अपने मन के हिसाब से किया। कुछ भी करने से पहले ये सोचो की अगर मैंने इस काम को नहीं किया तो क्या इसका पछतावा मुझे 5 साल बाद रहेगा? अगर रहेगा तो उस काम को ज़रूर करो और अगर अगले 5 सालों में उस काम के होने या न होने से कोई फर्क नहीं पड़ता तो उसके बारे में ज़्यादा मत सोचो।

मैं जानता हूँ की मेरे बहुत से readers ऐसे है जो पछ्तावों से घिरे हुए है और इसलिए मैं यह लिख रहा हूँ। ‘दोस्तों, regret करने से लाख गुना अच्छा है की उस काम को करो जिससे तुम्हे ख़ुशी या तुम्हारे मन को शान्ति मिले। सिर्फ एक ज़िन्दगी है इसमें खुश रहो और किसी का बुरा मत करो। ‘

आपको याद है न की मैं बहुत जल्द Podcast शुरू करने वाला हूँ जिसे आप सुन पाएंगे तो उसका इंतज़ार करियेगा।

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