Befriend With Your Ego

इस ब्लॉग का नाम पढ़ कर आप सोच रहे होंगे की अखिल ये क्या कह रहा है ? Ego के साथ दोस्ती करो? लेकिन जैसा की समाज ने हमें बताया है, Ego एक बुरी चीज़ है भला अखिल हमें इससे दोस्ती करने को क्यों कह रहा है ? देखिये Ego एक बुरी चीज़ है और मैं इस बात को मानता हूँ लेकिन ये तभी बुरी है जब ज़रुरत से ज़्यादा हो। और फिर ज़रुरत से ज़्यादा तो पानी पीना भी सेहत के लिए हानिकारक है बाकि तो छोड़ ही दीजिये।

अब सवाल ये है की Ego से दोस्ती क्यों की जाये? दोस्ती करने के लिए और भी चीज़े है जैसे समझदारी, होशियारी , दयालुता वगैरह वगैरह। आप इन सब से भी दोस्ती करिये लेकिन Ego को बिलकुल भूल मत जाईये। Ego ऐसी आग है जो आपको जला भी सकती है लेकिन अगर आप ध्यान से इसका इस्तमाल करेंगे तो सर्दिओं की सबसे ठंडी रात में ये आपकी जान भी बचा सकती है।

मैं आज बात Ego की इसलिए कर रहा हूँ क्यूंकि मैं एक audio book सुन रहा हूँ Big Magic by Elizabeth Gilbert. इस किताब में Elizabeth एक जगह कहती है की Ego Is A Great Servant But Terrible Master और ये बात मेरे ज़ेहन में रह गयी। आपको याद होगा की मैंने अपनी पिछली ब्लॉग Motivation vs Self Motivation में भी आपको Ego का फ़ायदा बताया था और वही बात मैं यहाँ दोहराना चाहूंगा की अगर आप अपने Goal को अपनी Ego के साथ जोड़ देते हो तो फिर उस Goal के लिए आप सब कुछ करने के लिए तैयार हो जाते हो। Ego से आपको सिर्फ यही चाहिए।

Ego से दोस्ती करिये, उसके साथ बात करिये लेकिन उसे सर मत चढ़ाइये। लेकिन Ego को control में कैसे रखें? इसे करने के लिए कुछ बातों को याद रखिये –

  • हर बात को Ego पर मत ले जाईये। किसी ने अगर आप के ऊपर कोई चुटकुला मार दिया तो दिमाग गरम मत करिये बल्कि उसे मज़ाकिया अंदाज़ में लेते हुए मज़ा लीजिये।
  • अगर गलती हो जाये तो उसे मान ले।
  • हर बात पर छोटा बड़ा, अमीर ग़रीब मत करिये।
  • Situation को सामने वाले के नज़रिये से देखने की कोशिश कीजिये। मान लीजिये की किसी ने आपको डांट दिया वो भी छोटी सी गलती पर , तो बजाय इसके की आप उस बात को Ego पर ले जाये सामने वाले की condition को समझने की कोशिश कीजिये।
  • और सबसे बड़ी बात, गुस्सा जितना हो सके उतना काबू में रखिये। ये बहुत ज़रूरी है क्यूंकि गुस्से में कुछ भी समझ में नहीं आता है।

यह कुछ बातें है जिनसे आप अपने Ego पर नज़र रख सकते है। मैं फिर से कहता हूँ की हर Human Emotion की value होती है और हमें उन सभी को सही मात्राओं में लेकर चलना चाहिए।

Ego काजल की तरह है जो नज़र से तो बचाता है लेकिन ज़्यादा लगने पर चेहरा काला कर देता है।
(इस caption का photo से connection नहीं है। )

अगर आपको मेरी बात पसंद आयी हो या आप अपनी राय रखना चाहते हो तो comment ज़रूर करे। शुक्रिया

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  1. Deepali Narayan says:

    Well said..Mr.Akhil.

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