Motivation VS Self Motivation!

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हेलो जी, कैसे है आप सब? उम्मीद करता हूँ की ठीक होंगे। आप लोगो के replies, comments और likes मुझे और motivate करते है ताकि मैं कुछ और अच्छा लिखूँ और यहीं से मैंने सोचा की आपके साथ Motivation और Self – Motivation के बारे में बात करूँ और आपको यह decide करने में help करू की आपको Motivation चाहिए या Self – Motivation.

Motivation का मतलब है प्रेरणा और जब यही प्रेरणा आपके अंदर से आती है तो वो Self – Motivation बन जाती है।

इसके बाद सवाल आता है की आपको किसकी ज़रुरत है ? Motivation की या Self – Motivation की ? देखिये मुझे लगता है की इन दोनों का ताल्लुक़ आपकी उम्र से है। इसको कुछ ऐसे समझते है जब आप छोटे बच्चे थे तो TV में doctor , pilot , astronaut या फिल्म के hero को देखने के बाद आप उसकी तरह बनना चाहते थे , इसे Motivation कहते ही क्यूंकि ऐसा बनने की प्रेरणा आपको बाहरी दुनिया से मिली लेकिन जब हम बड़े हो जाते है तो खुद से निर्णय लेते है की हमें क्या करना है? इसका एक और example है की अगर एक परिवार में सभी डॉक्टर है तो बच्चा भी डॉक्टर बनना चाहता है लेकिन बड़ा होने के बाद वो कुछ और करने का फ़ैसला लेता है। इस हिसाब से अगर आप 20 की उम्र के पार है तो आपको Motivation से ज़्यादा Self – Motivation की ज़रुरत है।

Self – Motivation इसलिए क्यूंकि लोग और चीज़े आपको inspire कर सकती है, motivate भी कर सकती है लेकिन जब तक ये आपके अंदर से नहीं आएगी तब तक वो अधूरी रहेगी। बाहर से मिलने वाली inspiration को आपके अंदर की self – motivation की ज़रुरत है। एक महंगी कार आपको inspire कर सकती है अमीर आदमी बनने के लिए लेकिन अमीर आदमी बनने के लिए जो मेहनत लगती है वो self – motivation से आती है।

अब आप कहोगे की “अखिल कैसे मैं खुद को motivate करूँ। कुछ दिन तक तो सब सही चलता है लेकिन उसके बाद ये motivation न जाने कहा चली जाती है।” Self – Motivation एक पौधे की तरह है जिस को रोज़ पानी की ज़रुरत है और time time पर खाद की। ऐसा नहीं है की आप एक दिन सोचेंगे और उसके बाद पूरी ज़िन्दगी self motivated रहेंगे। मुझे देख लीजिये मैं पिछले 5 सालों से ब्लॉग लिखने की कोशिश कर रहा हूँ कभी food review , कभी movie review , कभी कहानी तो कभी सिर्फ journal लेकिन अंदर से कभी वो motivation आयी ही नहीं। ये तो अब मैंने decide किया है की चाहे कुछ भी हो जाये मैं हर दिन का एक या हफ़्ते के 5 से 6 पोस्ट लिखूंगा ही लिखूंगा और इसके बाद मैंने इस बात का ढिंढोरा पीट दिया। दोस्तों को बताया, Social Media पर डाला और आप से कहा और देखिये मैं ये कर रहा हूँ यानी की अगर आप लम्बे समय तक self motivated रहना चाहते है तो बात को अपनी Ego पर ले लीजिये क्यूंकि वैसे तो ये Ego ज़्यादातर काम बिगाड़ती है लेकिन अगर आप किसी बात को अपनी Ego से जोड़ लेंगे तो आप उस काम को करके ही मानेंगे।

मान लीजिये की आपको वज़न कम करना है तो इस बात में Ego घुसा दीजिये और खुद से कहिये की अगर मैं रोज़ाना 5 किलो मीटर चल भी नहीं सकता तो लानत है और इस बात का ढिंढोरा पीट दीजिये उसके बाद देखिएगा कैसे आप रोज़ाना 5 किलो मीटर चलने लगेंगे।

यहाँ पर एक चीज़ का ध्यान रखियेगा की हर बात को Ego पर मत लेकर जाना क्यूंकि फिर बात सच में बिगड़ जाएगी।

एक बात हमेशा याद रखिये की सिर्फ़ आप ही ख़ुद को बदल सकते है और इसलिए आपको self motivation की ज़रुरत है।
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  1. Laxmi Awasthi says:

    Great 😄 Mai b is tip ko aaj se follow krungi for #self_motivation😇👌✌

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