Self Respect ! You Really Need This!

Golden chess king imagining itself as a pawn

हेलो क्या चल रहा है आज कल ? सब बढ़िया ? Lockdown है घर पर रहे, सब बढ़िया ही रहेगा। आज हम बात करने वाले है Self-Respect / Self-Worth / आत्म सम्मान के बारे में। सब को मालूम है की हमें अपनी self respect करनी चाहिए लेकिन फिर भी बहुत सारे लोग इसे भूल जाते है।

बहुत सीधी सी बात है, आप ख़ुद की इज़्ज़त करो लोग आपकी इज़्ज़त करेंगे। इससे पहले की मैं आपको Self Respect के बारे में बताऊँ पहले आपको low self esteem के लक्षण बता देते है –

  • Nervous रहना – Low self esteem लोग ज़्यादातर घबराये हुए रहते है। वो कभी अपने पहनावे को लेकर, कभी अपनी आदतों को लेकर या कभी किसी और चीज़ को लेकर social situations में nervous रहते है और comfortable नहीं हो पाते है।
  • दूसरों की हाँ में हाँ मिलाना – ऐसे लोग अपनी बात confidence के साथ नहीं रख पाते है और easily dominant हो जाते है। ऐसे में यह सिर्फ सामने वाले की बातों में हाँ करते रहते है।
  • Criticism नहीं झेल पाते – Low Self Esteem के लोग आलोचना नहीं झेल पाते और टूट जाते है , ऐसे लोग मुश्किल समय में जल्दी हथियार भी डाल देते है। ये कभी पूरी ताक़त से पत्थर नहीं उछालते और फिर कहते है की आसमान बहुत ऊँचा है।
  • Compare करते रहते है – यह सबसे ख़राब आदत है। एक बच्चे का आत्म सम्मान इसलिए गिरता है क्यूंकि उसके माता पिता उसे दूसरे बच्चो से compare करते रहते है। ऐसे में बच्चे को लगता है की वो कुछ करने के लायक नहीं है। और Comparison की यह आदत बड़े होने के बाद उसमे भी आ जाती है। वो office के काम में, रिश्तेदारों के बीच में और society में खुद को दूसरों से compare करके अपने आत्म सम्मान को चोट पहुँचाता रहता है।
  • कंधे झुका कर चलना या बैठना – Low Self Esteem वाले लोगों की body language बाकी लोगो से अलग होती है। इनके कंधे ज़्यादातर झुके रहेंगे, यह कुर्सी पर आराम से नहीं बैठेंगे और इनकी नज़रे बात करते हुए इधर उधर रहेंगी। इसके साथ साथ यह लोग जल्दी अपनी बात साफ़ शब्दों में रख भी नहीं पाते है क्यूंकि इनके दिमाग में एक अनजाना डर बना रहता है।

Self Respect, कैसे develop करे ?

ऊपर जो बाते बताई है उन्हें उल्टा कर के आप अपनी self respect को फिर से जगा सकते है। कंधे झुका कर न चलिए और न बैठिये। अपनी Body Language पर ध्यान रखे। खुद को दूसरों के साथ compare न करे, बिलकुल भी नहीं। कभी भी नहीं। हम सब finger prints जैसे है , सब एक दूसरे से अलग। आप compare कर ही नहीं सकते। दूसरों की हाँ में हाँ मिलाना बंद कीजिये, अपना दिमाग लगाइये। ज़्यादा से ज़्यादा क्या होगा? आप को नुकसान होगा न? होने दीजिये कम से कम इसी बहाने आपको experience तो मिलेगा। साथ ही अगर कोई आपकी आलोचना करे तो उस व्यक्ति को सुनिए समझिये, अपने अंदर बदलाव लाईये और आगे बढिये। आलोचना में बुरा मानने जैसा कुछ नहीं है।

High Self Esteem वाले लोग कैसे होते है ?

  • ऐसे लोग अपनी ज़िन्दगी की गाडी ख़ुद चलते है। ख़ुद फ़ैसले लेते है और अगर कुछ फ़ैसले गलत हो भी जाते है तो डरते या छुपते नहीं बल्कि आगे बढ़ कर उन्हें स्वीकार करते। है
  • ऐसे लोग चीज़ों को ऊपरवाले के हवाले न छोड़ कर, हालातों से लड़ते है और जीतते है।
  • ऐसे लोग चिकनी चुपड़ी बाते नहीं करते। इन्हे अगर कुछ सही नहीं लगता तो साफ़ साफ़ बता देते है। यह लोगों जी-हुज़ूरी में यकीन नहीं रखते।
  • दुसरो की जीत में भी यह लोग खुश होते है। अपनी हार मानते है और उसे भविष्य में नहीं दोहराते है।
  • ऐसे लोगों अपनी ज़िन्दगी के लक्ष्य को बहुत साफ़ शब्दों में लोगो के सामने रखते है। इनका लक्ष्य साफ़ होता है।
  • यह लोग बदलाव से घबराते नहीं बल्कि बदलाव के हिसाब से खुद को ढालते है।

ख़ैर यह कुछ बातें थी आत्म सम्मान यानी self respect पर। यहाँ ये ध्यान रखना है की self respect और arrogance में बहुत फ़र्क है। और अगर सब सही रहा तो मैं इस पर भी एक पोस्ट ज़रूर लिखूंगा। फिलहाल के लिए इतना है। अपना ध्यान रखियेगा।

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