The 5 By 5 Rule To Stop Overthinking

हेलो, एक बार फिर से स्वागत है आपका मेरी ब्लॉग में ( Imagine की इस लाइन को अमित जी ने कहा हो ) मैंने अपनी blogs में Overthinking को लेकर बहुत कुछ लिखा है (How To Stop Overthinking) और मेरा हमेशा यही मक़सद होता है की आप लोग overthink न करे। आज मैं इसी से जुड़ा आपको एक नियम बताने वाला हूँ लेकिन उससे पहले थोड़ा ज्ञान।

याद रखिये की ज़्यादा सोचने से फ़ायदा कुछ भी नहीं होता क्यूंकि जो भी फिल्म चलती है वो हमारे दिमाग में चलती है, उसका हक़ीक़त से कोई लेना देना नहीं होता। Overthinking एक ऐसा दलदल है जिसमें एक बार फंसने के बाद आप धसते चले जाते है। और यह दलदल सिर्फ आपको ही नहीं बल्कि आपके परिवार को, चाहने वाले को और आपके दिन रात के सुकून को नुकसान पहुँचता है।

कुछ लोग कहते है की वो overthink नहीं बल्कि planning कर रहे है तो मैं आपको बता दूँ की Planning और Overthinking में ज़मीन आसमान का अंतर होता है। Planning का मतलब है की आप अपनी situation के हर aspect को analyse करके यह decide करते है की क्या करना है, क्या नहीं करना है और कौन सी चीज़ कब करनी है। वहीँ इसके उलट Overthinking बिना break के तेज़ रफ़्तार कार जैसी है जो अपने रास्ते में आने वाली हर चीज़ को तबाह कर देती है।

अब आपको बताता हूँ Overthinking को रोकने का 5 by 5 rule. अगर किसी भी तरह के बदलाव से ( जैसे किसी चीज़ का आना या जाना ) आपके जीवन के अगले पाँच सालों में कोई ख़ास फर्क नहीं पड़ता तो उस के बारे में पाँच मिनट से ज़्यादा न सोचे।

बाकी Overthinking को रोकने के लिए मैंने पोस्ट लिखी है, How To Stop Overthinking इसे पढ़े।

Leave a Reply