This One Thing Could Save Your Relationship

हेलो जी कैसे है आप ? आज बात करते है Romantic Relationship के बारे में। हम लोग जब भी किसी नयी आशिक़ी में पड़ते है तो पूरा पूरा दिन अपने मेहबूब से बात करने लगते है। 5 मिनट में चार बात पूछते है “खाना खाया?”और खाया तो क्या खाया। उसकी फोटो फ़ोन के wallpaper पर लगा लेंगे और अगर उसका फ़ोन 2 सेकण्ड के लिए भी busy आ जाये तो परेशान हो जायेंगे। लेकिन जैसे जैसे एक relationship में समय बीतता है हमारी बातें बहुत limited हो जाती है और कई बार तो जानबूझ कर फ़ोन ही नहीं उठाया जाता है।

ऐसा क्यों? relation का वो spark आखिर क्यों बुझ गया ? जवाब है की आपने conversation करना बंद कर दिया। अब आप सिर्फ सुनते और बोलते है, समझते नहीं है। फ़ोन पर discussion के बजाय argument होता है। और हम बात करते समय सिर्फ इसलिए चुप रहते है क्यूंकि हम यह सोच रहे होते है की हमें और क्या negative बोलना है। यह है सबसे बड़ी समस्या। कहते है की इंसान की बोली से रिश्ते बनते है, अगर आप किसी से 2 शब्द प्यार के बोल दे तो सामने वाला आपका मुरीद बन जाता है लेकिन relationship के कुछ साल बीतने के बाद ऐसा आप करते नहीं। यहाँ गलती किसी एक की नहीं है , यहाँ दोनों गलत होते है। कैसे ? मन लीजिये की लड़की के मुँह से कुछ गलत निकल गया तो यहाँ लड़का उसे समझाता नहीं बल्कि अपने मन में लेकर बैठ जाता है की उसने मुझसे ऐसा क्यों कहा और उसके बाद वो उस मौके की तलाश में रहता है जब बदला ले सके। और फिर अपनी बारी आने पर लड़का जो गलत गलत बोलता है की लड़की को लगता है की आखिर ऐसा क्या हुआ जो मेरा partner मेरे ही लिए इतना गलत सोचता है। यहाँ फिर लड़की अपने मन में बात रख लेती है और मौका ढूंढने लगती है। ऐसे होते है रिश्ते ख़राब।

आपके इन सब से बचने के लिए पता है क्या करना है ? Only Conversation. जब आपको लगे की आपके partner ने कुछ जाने अनजाने में गलत कहा है तो उसे वहां बता दीजिए। उसके साथ अपनी feelings को share कीजिये। वैसे भी जिसके साथ आप ज़िन्दगी share करते हो उससे feelings share करने में क्या परेशानी है ? उसे बताईये।

एक और चीज़ जो relationship को ख़राब करती है वो है ज़्यादा बात करना या ज़्यादा बोलना। जब दो में से एक बंदा ज़्यादा बोलने या बात करने लग जाये तो दूसरा बंदा चुप रहने लगता है क्यूंकि सामने वाले के चक्कर में उसे अपनी बात रखने का या feelings बताना का समय या तो मिलता नहीं या उसकी क़दर नहीं होती। ऐसे मैं, बहुत ज़्यादा बोलना भी रिश्ते के लिए सही नहीं होता है। मैं यहाँ पर ये भी जानता हूँ की कुछ couples ऐसे होते है जिन पर यह बातें लागू नहीं होती लेकिन इनकी सँख्या कम होती है। इसलिए रिश्ते में अपने partner को हमेशा बराबरी का दर्ज़ा दे। न तो उसे नीचा दिखाए और न ही उसे भगवान मान कर उससे unwanted expectations रखे। और अगर कभी कोई बात बुरी लग जाये तो उसके बारे में बात करे।

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