Why You Should Always Think Positive?

हेलो जी कैसे है आप सब? उम्मीद करता हूँ अच्छे होंगे और घर पर ही होंगे। ख़ैर, कुछ दिन पहले इरफ़ान खान साहब का इंतक़ाल हुआ और उनके जाने के बाद उनका आख़िरी Audio Message काफी जगह share किया गया, जिसकी एक line मुझे अभी तक याद है की इंसान को हमेशा Positive ही सोचना चाहिए क्यूंकि हमारे पास यह करने के अलावा और चारा भी क्या है। ये बिलकुल सही बात है लेकिन फिर भी बहुत सारे लोगो को ये या तो मालूम नहीं है या उन्हें negative सोचने में मज़ा आता है।

एक तो लोग सोचते बहुत ज़्यादा है, उनके दिमाग में बातें mouse से mount Everest बनने में बिलकुल दे नहीं लगती और इस पर भी वो सिर्फ negative ही सोचते है। पता है क्यों? क्यूंकि हम लोग खुद से कोई उम्मीद नहीं रखते। एक आदमी, negative सोच कर यह मान सकता है की वो घर बैठे बैठे बीमार हो जायेगा लेकिन positive सोच कर ये नहीं मान सकता की एक दिन उसके पास खुद का private plane होगा। साथ ही Negative सोचना बहुत आसान है , जैसे बुराई जल्दी फैलती है , गन्दी आदत जल्दी लगती है उसी तरह से Negative Thinking भी बहुत आसानी से होने लगती है। इंसान, Positive Thinking में effort नहीं लगाना चाहता वो visualize नहीं करना चाहता वो यह मानना नहीं चाहता की उसके साथ अच्छा हो सकता है।

मैंने आपने स्कूल के दिनों में एक बात सुनी थी “आप खुद के बारे में जितना अच्छा सोचते हो, भगवान उससे ज़्यादा अच्छा आपके बारे में सोचता है।” पर समस्या तो यही है की हम खुद के बारे में अच्छा सोच ही नहीं पा रहे। पता है बच्चे इतना खुश कैसे रहते है? क्यूंकि उनकी सोच में Negativity नहीं होती। उन्हें कभी doctor बनना है तो कभी Superman, वो यह नहीं सोचते की doctor बनने के बाद car की EMI नहीं दी तो क्या होगा? वो हमेशा अच्छा सोचते है और इसी की चमक उनके चहरे पर दिखाई देती है।

चलिए अब मैं इतने ज्ञान के बाद आपको कुछ tips देता हूँ जिससे आप Positive सोचना शुरू करे –

  • अपने विचारों पर ध्यान दीजिये और जब भी आपको लगे की आप कुछ ज़्यादा सोच रहे है उस point से वापस आ जाइये। तीन बार गहरी साँसें लीजिये और कुछ अलग सोचिये।
  • सोने से पहले या उठने के बाद, उन 5 चीज़ों के बारे में लिखिए जिनके लिए आप Thankful है।
  • कोशिश करके Imagine कीजिये अपनी ज़िंदगी के अगले पाँच साल कैसे होंगे और positive और बड़ा सोचिये। सोचने में कंजूसी मत कीजिये। सोचिये एक बड़ा घर, 3 महंगी वाली गाड़ियाँ, हाथ में सोने की घड़ी, सेहतमंद शरीर और हँसता मुस्कुराता परिवार। इतना सोचने के बाद, थोड़ा बारीकी से सोचना शुरू कीजिए जैसे, किस रंग की गाडी, बच्चों के नाम और बैंक बैलेंस के पैसे। यह हो सके तो रोज़ करे।
  • Negative लोग या ऐसे लोग जो हमेशा किसी न किसी की बुराई करते हो उनसे दूरी बना ले।

देखिये Negative और Positive दोनों ही बातें हमें खुद सोचनी है और खुद के बारे में सोचनी है तो ऐसे में Negative क्यों सोचे? खुद के दुश्मन क्यों बने? Please मुझे वादा कीजिए की आज से आप positive सोचना शुरू करेंगे।

एक  निराशावादी  को  हर  अवसर  में  कठिनाई  दिखाई  देती  है  ; एक आशावादी को  हर  कठिनाई  में  अवसर  दिखाई  देता  है .
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