Your Fears Are Stopping You!

हेलो जी, कैसे हो आप सब? उम्मीद करता हूँ सब ठीक होगा! मेरे पिछले पोस्ट Science Behind Aapna Time Aayega को इतना पसंद करने के लिए शुक्रिया। आज मैं जिस चीज़ के बारे में बात करने वाला हूँ उसने हम सभी को ज़िन्दगी में बड़ा करने से रोका हुआ है और वो है हमारा अपना डर। यह डर बचपन में हमारे अंदर नहीं था। बचपन में हम जो चाहे वो करते थे, कभी छत से कूद जाना तो कभी पतंग के चक्कर में एक छत से दूसरी छत जाना। हम नए दोस्त बनाने से भी नहीं डरते थे। बचपन में कुछ भी नया करने से पहले हम कितने excited रहते थे लेकिन धीरे धीरे ये डर हमारे अंदर जग़ह बनाता चला गया।

ये डर कभी हमें खुद से मिला तो कभी दूसरे ने दिया। कभी खुद की हार से डर गए तो कभी दूसरे को जीतता हुआ देख कर हमें लगा की हम तो ऐसा बिलकुल नहीं कर सकते और फिर नयी चीज़ें न करके हमअपने उस डर को और बढ़ावा देते है। कुछ लोगों का कहना है की ज़्यादातर लोग नया इसलिए नहीं करते क्यूंकि वो अपने comfort zone को छोड़ना नहीं चाहते लेकिन मेरा मानना है की वो ऐसा इस लिए नहीं करते क्यूंकि वो डरते है। डरते है की कहीं हम असफल हुए तो लोग हम पर हसेंगे और इसी डर की वज़ह से वहीं रहते है जहाँ वो 2 साल पहले थे।

मैं एक कार्टून शो देखता था Dragon Ball Z जिसका हीरो Goku चाहे कितना भी पिट जाये लेकिन हार नहीं मानता था और उसकी यही सोच उसे हमेशा जिताती थी। जब एक cartoon character कभी हार नहीं मानता तो हम तो इंसान है फिर क्यों इतनी जल्दी हार मान जाते है ? एक बात याद रखिये किसी भी नयी चीज़ को करने का सबसे मुश्किल काम होता है उसका पहला कदम। बस। आप पहला क़दम रखिये और फिर देखिये चीज़े होती चली जाएँगी, रास्ते निकलते चले जायेंगे।

मैं मानता हूँ की अगर आप Podcast शुरू करेंगे तो आपका पहला show ख़राब होगा, आपका पहला blog post उतना अच्छा नहीं होगा, आपका पहला Youtube Video शानदार नहीं होगा और न ही business का पहला महीना अच्छा बीतेगा लेकिन यह सब सोच कर रुको मत यार। बढ़ते चलो आगे। बनाओ पहला podcast show , लिखो अपनी पहली कहानी या कविता, upload करो अपना पहला video Youtube पर और जिस business के आप दिन रात सपने देखते हो उसे शुरू करो।

मैं आपको सही बताऊँ न, तो डरने से न कुछ नहीं होने वाला। ये डर सिर्फ आपके मन का वहम है और कुछ नहीं। यह सिर्फ आपके दिमाग में है की अगर हार गए तो क्या हुआ ? अरे यह सोचो न की अगर जीत जाये तो क्या होगा? ध्यान रस्ते पर नहीं , मज़िल पर रखो। और अगर फिर भी डर लगे तो ख़ुद से कहना की ‘अगर आज मैं अपने सपनों के लिए खड़ा नहीं होऊंगा तो कल कोई मेरे लिए खड़ा नहीं होगा।’

नया करने से पहले राय सबकी लो, लेकिन करो वही जो तुम्हे पसंद हो।

Leave a Reply